सोते समय पैर क्यों हिलता है?HealthPlanet

Posted on Sat 10th Dec 2022 : 11:14

सोते समय पैर हिलाने की आदत हो सकती है इस समस्या का संकेत, जानें कारण :

पैर हिलाने की बीमारी (आरएलएस), जिसे विलिस-एकबॉम रोग के रूप में भी जाना जाता है, एक तंत्रिका संबंधी विकार है जिसके कारण आपके पैरों को हिलाने की तीव्र इच्छा होती है। डॉक्टर इस बीमारी को एक नींद विकार मानते हैं क्योंकि यह आमतौर पर तब होता है जब आप आराम कर रहे होते हैं या खराब हो जाते हैं।

क्यों होती है सोते समय पैर हिलाने की समस्या? (Shaking Legs While Sleeping Causes in Hindi)

सोते समय पैर हिलाने की समस्या कुछ लोगों में बहुत कम समय के लिए होती है और यह अपने आप भी ठीक हो सकती है। ऐसे लोग जिन्हें कुछ समय के लिए यह समस्या होती है उनमें इसके पीछे स्लीप डिसऑर्डर या रेस्टलेस सिंड्रोम का कारण होता है। लेकिन जिन लोगों में यह समाया बहुत लंबे समय तक बनी रहती है उन्हें यह सोते समय पैर हिलाने की समस्या पीरियाडिक लिंब मूवमेंट डिसऑर्डर की वजह से हो सकती है। सहारा अस्पताल लखनऊ के जनरल फिजिशियन डॉ सुमीत निगम के मुताबिक पीरियाडिक लिंब मूवमेंट डिसऑर्डर की समस्या रात में सोते समय होती है जिसकी वजह से व्यक्ति सोते समय कुछ ऐसे मूवमेंट करता है जो सामान्य नहीं होते हैं। इस समस्या में वह अपने हाथ या पैर को असामान्य तरीके से हिलाता है। सोते समय पैर हिलाने की समस्या जिसे मेडिकल की भाषा में पीरियाडिक लिंब मूवमेंट डिसऑर्डर कहा जाता है यह एक ऐसी समस्या है जो रेस्टलेस लेग सिंड्रोम के तहत आती है। यह एक तरह की स्लीप डिसऑर्डर की समस्या होती है। किसी भी इंसान को सोते समय पैर हिलाने की समस्या इन कारणों से हो सकती है।

रेस्टलेस सिंड्रोम।
स्लीप डिसऑर्डर।
अत्यधिक थकान और नींद की कमी।
पीरियाडिक लिंब मूवमेंट डिसऑर्डर।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी।
किडनी, पार्किंसंस रोग से पीड़ित मरीजों में।
गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था के आखिरी दिनों में।

सोते समय पैर हिलाने की समस्या से बचाव (Shaking Legs While Sleeping Prevention in Hindi)

सोते समय पैर हिलाने की समस्या या पीरियाडिक लिंब मूवमेंट डिसऑर्डर से बचने या इससे छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को सबसे पहले डॉक्टर की सलह लेनी चाहिए। इस समस्या में आयरन और जरूरी विटामिन का सेवन करने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों में यह समस्या नींद की कमी के कारण होती है उन्हें संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोग जो कैफीन का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं उन्हें इस समस्या का खतरा रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को कैफीन का अधिक सेवन न करने की सलाह दी जाती है।इसके अलावा रोजाना व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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